गृहस्थ से ही श्रावक और श्रावक से ही साधू बनता है : आचार्य विभव सागर जी

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निवाई - श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर में बुधवार को आचार्य श्री विभव सागर महाराज के सानिध्य में वीर शासन जयंती मनाई गई जिसमें सेकडों श्रद्धालुओं ने भाग लिया । चातुर्मास कमेटी के प्रवक्ता विमल जौंला व राकेश संधी ने बताया कि जैन समाज के तत्वावधान में वीर शासन जयंती समारोह पूर्वक मनाई जिसमें आचार्य श्री विभव सागर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार ग्रहस्थ की तीन चीज है उसी प्रकार श्रावक की भी तीन चीज है जो श्रद्धालु है वह श्रावक है आचार्य श्री ने कहा कि ग्रहस्थ से ही श्रावक बनता है और श्रावक से ही साधू। आठ वर्ष मे गृहस्थ श्रावक भी बन सकता है। और सम्यग्दर्शन , सम्यग्ज्ञान तथा सम्यग्चारित्र की पूर्णता करके आत्मा की शक्ति को प्रगट करके परमात्मा भी बन सकता है।
 विमल जौंला व राकेश संधी ने बताया कि बुधवार को वीर शासन जयंती समारोह का शुभारंभ आचार्य श्री शान्ति सागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं चित्र अनावरण हुकम चन्द दिनेश कुमार जैन झिलाय ने किया और मंगलाचरण सतीश भाणजा ने किया।कार्यक्रम मे आचार्य श्री का पादप्रक्षालन करने का अवसर मुकेश जैन एवं संजय जैन को मिला।
जौंला ने बताया कि आचार्य श्री के संधस्थ ब्रह्मचारी अभिनन्दन भैया ने आचार्य श्री का संगीत के साथ पूजन किया गया जिसमें सेकडों श्रद्धालुओं ने मां जिनवाणी का एवं गणाचार्य विराग सागर महाराज का भक्ति भाव से पूजन किया। इस अवसर पर महावीर प्रसाद पराणा महेन्द्र चंवरिया प. सुरेश के शास्त्री सुनील भाणजा विष्णु ललवाडी अशोक सिरस विष्णु बोहरा
महेश मोठूका संजय सोगानी नरेश बडा़गाँव सोभागमल सोगानी धर्म चन्द नेहरू गब्बू झिलाय मनीष जैन आशीष जैन सहित कई लोग मौजूद थे।


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