पर्यावरण शुद्धिकरण के लिए आवश्यक है वृक्षारोपण :- महामनाचार्य कुशाग्रनन्दी जी महाराज

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जयपुर शहर मुहाना मंडी स्थिति पारस विहार के श्री सहस्त्रफणी पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में चातुर्मासरत महामनाचार्य कुशाग्रनन्दी जी महाराज के ससंघ सानिध्य में वृक्षारोपण का आयोजन दिगम्बर जैन शोशल ग्रुप पिंकपर्ल ओर चातुर्मास आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, समिति मन्त्री पवन जैन ने बताया आज रविवार को प्रातः काल जिनेन्द्र भगवान के नित्यनियम अभिषेक शान्ति धारा के उपरांत दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप पिंकपर्ल द्वारा एवं चातुर्मास समिति के संयुक्त तत्वावधान में 1008 वृक्षों का वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया,

कार्यक्रम संयोजक प्रकाश लुहाडिया नितेश काला ने बताया

 350 से भी ज्यादा पेड़ लगाए गए यह संख्या इस चातुर्मास अवधी में 1008 होगी, माह के रविवार को यह कार्यक्रम अनवरत चलेगा, वृक्षारोपण के पुण्यार्जक श्री विमल जी  शीला जी पांड्या पंचवटी कॉलोनी सांगानेर रहे।

इस अवसर पर पिंकपर्ल ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष विनय सौगानी अध्यक्ष मनीष सौगानी संरक्षक सुरेश बिलाला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियो सहित करीब 100 ज्यादा सदस्य एवं अन्य साधर्मियों सहित विभिन्न समाजों के गणमान्य लोग  मौजूद रहे।

कार्यक्रम में राजस्थान फेडरेशन के अध्यक्ष यश कमल अजमेरा, महासचिव राजेश जी बडजात्या, कोषाध्यक्ष पारस जी जैन भी मौजूद रहे!

 

पर्यावरण शुद्धिकरण के लिए आवश्यक है वृक्षारोपण :- महामनाचार्य कुशाग्रनन्दी जी महाराज

 

इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए महामनाचार्य ने कहा कि पर्यावरण का शुद्धिकरण मानव कल्याण का महान कार्य है पर्यावरण शुद्धिकरण के लिए वृक्षारोपण अति आवश्यक है, बिना वृक्षों के पर्यावरण कि कल्पना करना भी व्यर्थ है जिस प्रकार आज आधुनिकता और विकास के नाम पर बड़े बड़े वृक्षों को काल का ग्रास बना दिया गया है ये हमारे जीवन का विकास लक्षण नही है ये तो विनाश का द्योतक है, आचार्य श्री ने पेड़ो का महत्व बताते हुए कहा जीवन के लिए सबसे आवश्यक शुद्ध हवा है ओर शुद्ध हवा बिना वृक्षों के सम्भव ही नही है संतो को भी अपनी साधना के लिए शुद्ध हवा पानी चाहिए ।

 ज्ञात रहे महामनाचार्य कुशाग्रनन्दी जी महाराज विगत आठ दिन से अष्टानिका के अवसर पर निर्जला उपवास साधना पर चल रहे है यह क्रम आगामी 17 जुलाई तक रहेगा 17 जुलाई को महामनाचार्य का पारणा होगा तब अन्न जल ग्रहण करेंगे।

समिति के मीडिया प्रभारी बाबू लाल जैन ईटून्दा ने बताया आचार्य कुशाग्र नन्दी जी महाराज का चातुर्मास मंगल कलश स्थापना एवं गुरुपूर्णिमा महोत्सव कल मंगलवार 16 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे से विशाल समारोह के साथ होगा इस अवसर पर जयपुर शहर सहित भारत देश के विभिन्न शहरों के महामनाचार्य के भक्त आएंगे इस कड़ी में महाराष्ट्र से अभी से भक्तो का आना प्रारम्भ हो चुका है।


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