हम आपको गॉड भले ही न बना पाएं, पर गुड बनाने का प्रयास जरूर करेंगे - राष्ट्रसंत चंद्रप्रभ

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शहरवासियों ने की जगह जगह पर भव्य अगवानी
जोधपुर, 14 जुलाई। गांधी मैदान में आयोजित हो रहे राष्ट्रसंत महोपाध्याय
ललितप्रभ सागर, राष्ट्रसंत चंद्रप्रभ सागर और डॉ मुनि शांतिप्रिय सागर
महाराज के चातुर्मास प्रवेश उत्सव पर विराट सत्संग शोभायात्रा का आयोजन
सरदारपुरा प्रथम सी रोड स्थित मेहता भवन से किया गया  जो  गोल बिल्डिंग
और बी रोड होते हुए गांधी मैदान पहुंची जहां शहरवासियों द्वारा संतों और
गुरुभक्तों का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। जोधपुर के इतिहास में
संभवत पहली बार किसी चातुर्मास पर इतनी लंबी एवं विराट शोभा यात्रा का
संयोजन देखने को मिला।
शोभायात्रा में सर्वप्रथम वीर प्रभु मंडल द्वारा भगवान की पालकी निकाली
गई, गांधी मैदान महिला मंडल एवं  मेहता परिवार द्वारा त्रिशला माता के 14
स्वप्नों को धारण किया गया, संबोधि महिला मंडल, भीलवाड़ा द्वारा 108 फीट
लंबा जैन ध्वज लहराते हुए चलना शहरवासियों को लुभा गया, कुशल मणि बहु
मंडल ने जीव दया का  संदेश देने वाली वाहन रैली निकाली, खरतरगच्छ जैन संघ
ज्ञान वाटिका के विद्यार्थियों द्वारा छोटे-छोटे रंग बिरंगे ध्वजाओं को
धारण किया गया, शोभायात्रा में जब इंडो पब्लिक स्कूल  की बच्चियों द्वारा
 तिरंगे को  फहराया गया और  आतंक हटाओ अहिंसा लाहो का संदेश देने वाली
भगवान महावीर की झांकी  निकाली गई तो शहरवासी मंत्रमुग्ध हो गए,
शोभायात्रा में कुंथुनाथ महिला मंडल  ने सुक्त वचनों के बैनर दिखाकर सभी
को सदाचार का संदेश दिया, वल्लभ महिला मंडल द्वारा भगवान महावीर के जीवन
चरित्र पर प्रस्तुति दी गई,  फलवृद्धि पारसनाथ महिला मंडल द्वारा  मंगल
कलश धारण किए गए, राजेंद्र सुरी मंडल ने 24 तीर्थंकरों के चित्र प्रस्तुत
किए, पारस नीति महिला मंडल ने अष्टमंगल धारण कर शहर की समृद्धि में
अभिवृद्धि वृद्धि की कामना की, संबोधि महिला मंडल ने दुपट्टे और रंग
बिरंगे साफे पहनकर सबका मन अपनी ओर खींच लिया, शोभायात्रा में शहर की
अनेक संस्थाओं और मंडलों द्वारा  सद्वचनों की  तख्तियां  धारण कर चलना
बेहद खास रहा, इस दौरान वर्धमान नवयुवक मंडल द्वारा भारत माता की झांकी
प्रस्तुत की गई,
शोभायात्रा में  शहनाई वादन, पुलिस बैंड, घोड़े की बगिया, नाकोड़ा बैंड,
विंटेज कार में भगवान महावीर की विशाल तस्वीर दिखाना और  ढोल पताशो की
आवाज ने  शहरवासियों का मन मोह लिया।
शोभायात्रा के गांधी मैदान पहुंचने पर जीने की कला पर  51 दिवसीय विशिष्ट
प्रवचन माला का आगाज किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री
गजेंद्र शेखावत, ओम प्रकाश रांका पुणे, महापौर घनश्याम ओझा, उपमहापौर
देवेंद्र सालेचा, चातुर्मास लाभार्थी सुखराज मेहता श्रीमती नीलम मेहता,
संबोधि धाम के महामंत्री अशोक पारख, ओसवाल सिंह सभा के अध्यक्ष के एन
भंडारी, समाजसेवी घेवर चंद कानूगो, पुणे जैन दादावाड़ी टेंपल ट्रस्ट
अध्यक्ष भंवरलाल जैन, दिव्य सत्संग समिति मुंबई के अध्यक्ष पारसमल चपलोत,
आध्यात्मिक चातुर्मास समिति इंदौर के अध्यक्ष पारसमल कटारिया, नागौर जैन
संघ के अध्यक्ष गौतम कोठारी द्वारा प्रभु महावीर के समक्ष दीप प्रज्वलित
कर की गई। डॉ सीमा दफ्तरी जयपुर द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया,
इंडिगो पब्लिक स्कूल द्वारा स्वागत नृत्य की भव्य भव्य प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर जोधपुर की माटी को शीश पर धारण करते हुए संत चंद्रप्रभ महाराज
ने कहा कि बीकानेर हमारी जन्मभूमि है, बाड़मेर दीक्षाभूमि है, पर जोधपुर
हमारी कर्मभूमि है। भले ही जोधपुर हमारी मातृभूमि नहीं पर मातृभूमि से कम
भी नहीं है। हमें जोधपुर से इतना प्रेम है कि हमने सबसे ज्यादा चातुर्मास
जोधपुर में ही किए हैं। यहां की मिठास और अपणायत, श्रद्धा और भक्ति पूरे
देश के लिए आदर्श की तरह है। उन्होंने कहा कि हम इस चातुर्मास में जोधपुर
वासियों के जीवन को स्वर्ग बनाने की कोशिश करेंगे, हमें जीवन में सुई का
काम करना चाहिए कैंची का नहीं। कैची एक का दो करती है और सुई दो को एक
करती है। हमारे चातुर्मास का लक्ष्य है इंसानियत को जोड़ना, भाईचारे को
स्थापित करना और जोधपुर को हरा-भरा बनाना। उन्होंने कहा कि इस चातुर्मास
में हम जल संरक्षण के प्रति वचनबद्ध रहेंगे और इस हेतु तन मन धन से सभी
लोगों को जोड़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जीवन देना कुदरत का
काम है पर जीवन को कैसे जीना यह हमारा काम है। हमारा रंग कैसा हो यह हम
पर निर्भर नहीं हैं पर जीवन का ढंग कैसा हो यह हम पर निर्भर है। यह
चातुर्मास जीवन परिवर्तन का चातुर्मास है। धर्म चर्चा का नहीं चर्या का
विषय होना चाहिए। जिस तरह से देश में गंदगी फैली हुई है, बलात्कार के केस
बढ़ते जा रहे हैं और बच्चे मां बाप की सेवा के प्रति उदासीन हैं ऐसे में
बाहर और भीतर की स्वच्छता बहुत जरूरी हो चुकी है। जब बीज वृक्ष बन सकता
है और पत्थर प्रतिमा तो हम अपने जीवन का निर्माण क्यों नहीं कर सकते,
जीवन और विचारों को बदलकर महान क्यों नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि हम
आपको गॉड बनाने का दावा नहीं करेंगे पर गुड बनाने का प्रयास जरूर करेंगे।
इंसान जो ज्ञान विश्वविद्यालय में जाकर 5 साल में भी सीख नहीं पाता है वह
यहां मात्र 52 दिन आकर के सीख लेगा। जब संतप्रवर ने गांधी मैदान में
चातुर्मास करने की जनता से आज्ञा मांगी तो हजारों लोगों ने खड़े होकर और
हाथ ऊपर उठाकर चातुर्मास की अनुमोदना की। संत प्रवर की प्रेरणा से सभी
भाई बहनों ने एक दूसरे को गले लगा कर चातुर्मास स्थापना पर्व की खुशियां
बांटी।
इससे पूर्व सभा को संबोधित करते हुए गजेंद्र शेखावत ने कहा कि
राष्ट्रसंतों का यह चातुर्मास जोधपुर के लिए वरदान बनकर आएगा। संत प्रवर
के उद्बोधन जीवन को खुशियों से भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उनका मार्गदर्शन जीवन को नई दिशा और दशा प्रदान करता है। उन्होंने
संतप्रवर से जल संरक्षण के बारे में  जागरूकता फैलाने का निवेदन किया।
कार्यक्रम में महावीर सिंह चैधरी ने कहा कि गांधी मैदान का यह सत्संग
किसी जाति या पंथ के लिए नहीं आम इंसान के लिए है जो किसी को जैन हिंदू
या मुस्लिम नहीं अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा देता है। इस दौरान मनीषा
दूगड़ ने कहा कि शुद्ध पानी और मीठी वाणी का  विशेष महत्व है पानी पीने से
जीवन चलता है, पर राष्ट्रसंतों की वाणी  सुनने से जीवन बनता है,  सुखराज
मेहता ने कहा कि राष्ट्रीय संतों के  चातुर्मास को  करवाने का सौभाग्य
हमारे परिवार को मिला है इसके लिए हम  संतश्री, संबोधि धाम एवं जोधपुर के
आभारी हैं।
कार्यक्रम में  शोभा यात्रा  संयोजक  एवं संचालक  भगवान महावीर जन्म
कल्याणक महोत्सव समिति के शरद सुरणा, मितेश जैन, कानराज मोहनोत, ललित
छाजेड़, तरुण कटारिया, प्रवीण सुराणा, संतोषमल मोहनोत, अरुण मोहनोत, विनोद
सुराणा का संबोधि धाम द्वारा विशेष आभार प्रकट किया गया एवं गुरुजनों
द्वारा आशीर्वाद दिया गया।
कार्यक्रम में बीकानेर, भीलवाड़ा, नागौर, जयपुर, पुणे, मुंबई, इंदौर बड़ौदा
से आए गुरुभक्तों का संबोधि धाम ट्रस्ट मंडल द्वारा मोमेंटो देकर अभिनंदन
किया गया।
कार्यक्रम में मंच संचालन अशोक पारख और आभार रत्नेश जैन ने दिया।


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