जयपुर में प्रथम बार हुई एक साथ पांच विधान पूजन एक साथ

Popular News

परम पूज्य महातपस्वी आचार्य कुशाग्र नंदी जी महाराज ,मुनि अजय ऋषि जी मुनिराज ओर ऊर्जा गुरु अरिहंत ऋषि ससंघ के सानिंध्य में मुहाना मंडी पारस कॉलोनी स्थित सहस्त्र फनी पार्श्वनाथ मंदिर में पञ्च विधान महापूजन का आयोजन हुआ इसमे भक्तों ने जोर शोर से भाग लिया ।

समिति के अध्यक्ष सुभाष गोदिका के अनुसार इस महापूजा महोत्सव को केवल आमावश्या को ही किया जाता है
इस ऐतिहासिक पूजा महोत्सव में सौधर्म इंद्रा टीकम सेठी चित्तोड़ा ,ईशान इंद्रा सुभाष गोदिका,कुबेर इंद्र पवन जैन ,महायज्ञनायक अनिल जी गोदिका को बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सांगली से आये पंडित रोहित ने विधिवत रूप से पूजा का निर्देशन कर महामृत्युंजय विधान, एकही भाव विधान, नो ग्रह विधान, कलिकुण्ड पार्श्वनाथ विधान, सप्त ऋषि विधान की पूजा करवाई गई और विश्व शांति महायज्ञ के साथ पूजा का समापन हुआ।
इन महापूजा में पूरे जयपुर से भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
भक्तो ने "पारस प्यारा लागों,पार्श्वनाथ की जयकारों से मधबन गुजे रे," आदि भजनों पर भाव विभोर होकर नृत्य किया।
इस अवसर पर आचार्य श्री नें कहा जो तन मन धन से इन विधानों की पूजा करते हैं वे मनवांछित फल को प्राप्त करते हैं और जीवन में शांति की अनुभूति करतें है।
कार्यक्रम में इन्द्रों के रूप में तरुण शाह,शिखर चंद जी सिकंदरा, कौशल किरण सेठी,लक्ष्मण जी,कैलाश जी छाबड़ा,गौरव जैन,अनिल साखुनियाँ,सुरेश शाह आदि नें भाग लिया।


Comment






Total No. of Comments: