केंशलोंच वैराग्य के प्रति अनूठा उदाहरण : क्षमानन्दी महाराज

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निवाई 10 जून श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अग्रवाल मंदिर में आचार्य श्री इन्द्रनन्दी महाराज के संध की आर्यिका शुद्धमति माताजी का केंश लोचन कार्यक्रम किया गया। जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला ने बताया कि सोमवार को अग्रवाल मंदिर परिसर में अष्टमी पर्व पर जैन मुनि क्षमानन्दी महाराज क्षुल्लक विनम्रनन्दी महाराज आर्यिका
मुक्ति श्री माताजी आर्यिका जय श्री माताजी के सानिध्य में केंश लोचन हुआ । विमल जौंला ने बताया कि केंश लोचन से पूर्व समाजसेवी नवरत्न टोंग्या महेन्द्र चवंरिया बाबू लाल जैन प्रकाश चन्द जैन ने भगवान शांतिनाथ के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। इसके बाद श्रद्धालुओ ने विश्व में शांति कामना हेतु भगवान शांतिनाथ की शांतिधारा कर भक्ति भाव से पूजा अर्चना की। केंशलोचन कार्यक्रम में विशुद्ध वर्धनी महिला मण्डल की अध्यक्ष शशी सोगानी  सुनिता बडा़गाँव एवं ज्ञाना देवी सिरस ने बारह भावना ,महावीर चालीसा , भक्तामर स्त्रोत ,पदमप्रभु वन्दना के साथ णमोकार महामंत्र के जाप किए। इस अवसर पर मुनि क्षमा नन्दी महाराज ने कहा कि केंश लोच वैराग्य के प्रति अनुठा उदाहरण हैं। वैराग्य को प्रगट करते हुए कहा कि जैन धर्म के दिगम्बर साधु केंशलोंच जैसी वर्तमान युग में भी ऐसी कठोर साधना करते है और अपने पापो का क्षमन करते है 
इस अवसर पर विष्णु बोहरा अशोक सिरस धर्मचन्द जैन नेहरु इन्द्रमल जैन मोहन लाल कठमाणा नरेश हतोना 
विमल झिलाय मौजूद थे।


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